किस्‍से किताबों के: “पहली क़िस्त” (सूरज प्रकाश)

किस्‍से किताबों के: “पहली क़िस्त” (सूरज प्रकाश)

सूरज प्रकाश 258 2018-11-17

“किस्से किताबों के” की पहली क़िस्त में ‘सूरज प्रकाश जी’ के कुछ नोट्स (भूमिका) के साथ आज प्रस्तुत हैं दो किस्से ….. (हिंदी के वरिष्ठ कथाकार ‘सूरज प्रकाश’ की साहित्यिक अनुभव की कलम से निकले ‘किस्से किताबों के’ और ‘किस्से लेखकों के’ विषयक सैकड़ों छोटे बड़े आलेख जो न केवल प्रासंगिक ही हैं बल्कि बेहद रोचकता लिए हैं | आपके इन आलेखों की कुछ किस्तें आपकी फेसबुक वाल के अलावा प्रिंट मीडिया पर भी चर्चित रही हैं. सूरज प्रकाश के लिखे वे सभी लेख किस्तों के रूप में humrang पर हर हफ्ते प्रकाशित होते रहेंगे | हमरंग के पाठकों के लिए सूरज प्रकाश के ये नोट्स साहित्यिक चर्चा के लिए नई उर्जा के वायस तो होंगे ही साथ ही यह उम्मीद भी रहेगी कि साहित्येत्तर विधाओं से भी हिंदी जन-मानस रूबरू हो………….संपादक)

हाल ही में प्रकाशित

मनुष्य का जीवन आधार क्या है: कहानी “लियो टॉलस्टॉय”

मनुष्य का जीवन आधार क्या है: कहानी “लियो टॉलस्टॉय”

लियो टॉलस्टॉय 23 2020-03-28

‘वह निराश होकर घर को लौट पड़ा। राह में सोचने लगा—कितने अचरज की बात है कि मैं सारे दिन काम करता हूं, उस पर भी पेट नहीं भरता। चलते समय स्त्री ने कहा था कि वस्त्र अवश्य लाना। अब क्या करुं, कोई उधार भी तो नहीं देता। किसानों ने कह दिया, अभी हाथ खाली है, फिर ले लेना। तुम्हारा तो हाथ खाली है, पर मेरा काम कैसे चले? तुम्हारे पास घर, पशु, सबकुछ है, मेरे पास तो यह शरीर ही शरीर है। तुम्हारे पास अनाज के कोठे भरे पड़े हैं, मुझे एकएक दाना मोल लेना पड़ता है। ‪सात दिन में‬ तीन रुपये तो केवल रोटी में खर्च हो जाते हैं। क्या करुं, कहां जाऊं?’

माँ : कहानी

माँ : कहानी "मैक्सिम गोर्की"

मैक्सिम गोर्की 99 2020-03-27

प्रमुख रूसी लेखक, सोवियत साहित्य के प्रवर्तक गोर्की के लेखन से सारी दुनिया के पाठक भली भाँति परिचित हैं। सोवियत देश के पहले शिक्षा मंत्री अनातोली लूनाचसर्कि ने गोर्की के बारे लिखा था "मैक्सिम गोर्की की कृतित्व की विलक्षण रेखा आरम्भ होकर उन शिखरों को जा छूती है जिन्हें विश्व इतिहास में बहुत काम लोग ही चू पाए हैं। १९०६ से १९१३ के बीच इटली में लिखी गई उनकी कहानियों में से यह कहानी भी इटली के जनसाधारण के जीवन को समर्पित है। लोगों को कठिन दौर में शीघ्र उबा देना वाले जीवन में कुछ प्रफुल्लता लाना ही इन कहानियों का उद्देश्य रहा। प्रस्तुत है आज गोर्की की उन्हीं में से एक कहानी ॰॰॰॰॰

तीन प्रश्न : कहानी “लियो टॉलस्टॉय”

तीन प्रश्न : कहानी “लियो टॉलस्टॉय”

लियो टॉलस्टॉय 105 2020-03-26

लियो टॉलस्टॉय उन्नीसवीं सदी के सर्वाधिक सम्मानित लेखकों में से एक हैं । उनका जन्म रूस के एक सम्पन्न परिवार में हुआ था । उन्होंने रूसी सेना में भर्ती होकर क्रीमियाई युद्ध में भाग लिया, लेकिन अगले ही वर्ष सेना छोड़ दी । लेखन के प्रति उनकी रुचि सेना में भर्ती होने सी पहले ही थी । आपने युद्ध और शांति तथा अन्नाकेरेनिन्ना जैसी विश्व प्रसिद्ध किताबें लिखीं और अनेक कहानियाँ । तात्कालिक समय में लिखीं आपकी कहानियों से गुजरते हुए वे कहानियाँ वर्तमान समय के ताज़ा हालातों पर लिखी गई जान पड़ती हैं । यही कारण है कि आपकी कहानियाँ आज भी उतनी ही रोचक और वक़्त की नब्ज में धड़कती महसूस होती हैं । आज पढ़ते हैं आपकी ऐसी ही एक कहानी ......। - संपादक

ख़लील जिब्रान की दो कहानियाँ

ख़लील जिब्रान की दो कहानियाँ

ख़लील जिब्रान 136 2020-03-25

ख़लील जिब्रान का नाम विश्व के उत्कृष्ट साहित्यकारों में ख़ास सम्मान के साथ गिना जाता है। इतना ही नहीं आपको एक लेखक के अलावा कवि और चित्रकार के रूप में भी विश्व भर में जाना जाता है। ख़लील जिब्रान के लेखन में पाखंड के प्रति विद्रोह, व्यंग्य एवं प्रेरणास्पद विचारों का भाव ही परिलक्षित नहीं होता बल्कि इसमें गहरी जीवन अनुभूति, संवेदना व भावात्मकता भी स्पष्ट दिखाई देती है। आपका साहित्य जीवन दर्शन से ओत-प्रोत है और इसीलिए प्रेम, न्याय, कला, आध्यात्म के अलावा धार्मिक पाखंड, वर्ग संघर्ष, समाज और व्यक्ति प्रमुख तौर पर आपके विषय रहे हैं। कहा जा सकता है कि प्रेरणा देने वाले विचारों का रचनात्मक प्रस्तुतिकरण आपके साहित्य की वेशेषता है। आपकी कहानियाँ पाठकों को आनंदित तो करती ही हैं साथ ही हमें जीवन जीने की कला से भी परचित कराती हैं। आज पढ़ते हैं ऐसी ही कुछ दो कहानियाँ "ख़लील जिब्रान" की

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