उतरती हुई धूप
‘ सिया , सिया , सिया , ये महज किताबी बातें बोल रही हैं तू । मेरा यकीन है किे […]
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अब जरा इस स्वप्नदर्शी मंगत राम के बारे में जान लीजिए। वह दिल्ली के न्यू अशोक नगर इलाके में रहता
वसंत से जब मेरी बात होती थी तो कहता था, तबस्सुम बेहद संजीदा और दानिशमंद लड़की है, इसलिए उसे पसंद
जश्न-ए-आज़ादी उसका घर इन नवधनाड्य और विकसित, अविकसित कॉलोनियों से दूर बंजर ज़मीन पर बसे उस मुहल्ले में था जो
ईदा (कहानी) Eedaa (Story) -हनीफ़ मदार(Hanif Madaar) बीस वर्ष लम्बा काल खंड भी ईदा को मेरी मनः-स्मृतियों से मिटा नहीं