TKjNCP4frpJsub1QbSYMGphQaujBY6Of8-pr1kL7kJQ
ISSN - 2455-2011
RNI - UPHIN/2017/74803
adhed-auratein-hindi-kavita
कविता

अधेड़ औरतें: स्त्री दुख की मार्मिक हिंदी कविता

अधेड़ औरतें’ एक संवेदनशील हिंदी कविता है जो लड़की से औरत बनने के बीच के उस कठिन पड़ाव को दिखाती है जहाँ सपने, समाज और उम्र के दबाव आपस में टकराते हैं।   1- अधेड़ औरतें अधेड़ होती लड़की के दुखकोई नहीं जानता ,देखिए न मैं भीदुख को एकवचन में

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doosra padaw hindi audio story
आवाज़

दूसरा पड़ाव: जीवन के संघर्ष की Hindi Audio Story

दूसरा पड़ाव’ एक मार्मिक हिंदी कहानी है जो जीवन के संघर्ष, अनुभव और नए मोड़ की कहानी कहती है। इस Hindi Audio Story में सुनिए इंसानी भावनाओं और जीवन के दूसरे पड़ाव की सच्चाई। https://youtu.be/MsYKJH6L8LU सुनिए अन्य कहानियाँ Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp क्या आप गरीबी का नंगा सच और  स्त्री

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marane ke alag alag stendard
व्यंग्य

समाज में मरने के भी अलग-अलग स्टैंडर्ड:

जीवन भर पेटभर रोटी नहीं मिलती, लेकिन मरने के बाद सपनों के बाज़ार सज जाते हैं। ‘सुजाता तेवतिया’ का यह व्यंग्य समाज में मौत के अलग-अलग स्टैंडर्ड और बाज़ार की संवेदनहीनता को खोलने का प्रयास करता है। जीवन भर पेटभर रोटी नहीं… और मरने के बाद ख्वाब सुहाने। समाज का

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Ramzan Roza kahani
कहानी

रमजान का रोज़ा और इंसान होने का सवाल: एक आत्मसंघर्ष की कहानी

रमज़ान के रोज़े और सामाजिक अपेक्षाओं के बीच उलझा एक मनुष्य—यह कहानी आत्मग्लानि, आडंबर और सच्ची इंसानियत के द्वंद्व को उजागर करती है। रोज़ा… Read More Storys पाक रमजान माह का दसवां रोजा था, मैंने रोजा नहीं रखा था। जबकि मैं जानता था कि दुनिया के हर मुसलमां को रोजा

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Ashok Tiwari ki kavitayen
अशोक तिवारी

अशोक तिवारी की लंबी कविताएँ: स्त्री जीवन के सामाजिक, राजनीतिक और पारिवारिक आयामों का रचनात्मक विश्लेषण

अशोक तिवारी की लंबी कविताएँ स्त्री जीवन के क्षणिक और स्थायी अनुभवों, कुंठा, अवसाद और प्रेम के भावात्मक आरोह-अवरोह का सामाजिक, राजनीतिक और पारिवारिक संदर्भों में संवेदनशील विश्लेषण प्रस्तुत करती हैं। 1- वो औरत विस्मृत नहीं हो पातीघूंघट काढे़ वो औरतजो पशुओं की लीदअपने सिर पर ढोकरगांव बाहर घूरे तक

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ऑडिओ
आवाज़

मैं भी आती हूँ: कहानी सुनिए ‘सीमा सिंह’ की आवाज़ मेँ

एक किसान की ज़मीन, विश्वासघात और टूटते सपनों की मार्मिक कहानी। नीम के पेड़ और सम्मान की रक्षा में खड़े हरिया के साथ उसकी पत्नी क्या कुछ ऐसा करती है जिससे अचंभा हो जाता है – कहानी “मैं भी आती हूँ”। सुनिए कहानी “सीमा सिंह” की आवाज़ मेँ मैं भी

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Hindi me prem kavita
कविता

आओ कि सुंदर को सुंदरतम बना दें – प्रेम पर हिन्दी कविता

“यह भावनात्मक हिंदी कविता प्रेम, सकारात्मक सोच और जीवन को बेहतर बनाने का संदेश देती है। पढ़ें और अपने दिल में उम्मीद की नई रोशनी जगाएं।” मानव जीवन की संवेदनाओं एवं कोमल भावों को रचनात्मक अभिव्यक्ति देती पूरे आत्मविश्वास से भरी ‘नीलम स्वर्णकार’ की कुछ कविताएँ ……जैसे एक कोशिश घोर

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Main bhi Ati Hoon
कहानी

मैं भी आती हूँ: किसान, ज़मीन और विश्वासघात की मार्मिक कहानी

एक किसान की ज़मीन, विश्वासघात और टूटते सपनों की मार्मिक कहानी। नीम के पेड़ और सम्मान की रक्षा में खड़े हरिया के साथ उसकी पत्नी क्या कुछ ऐसा करती है जिससे अचंभा हो जाता है – कहानी “मैं भी आती हूँ”। मैं भी आती हूं….! हरिया पेड़ के नीचे बैठा

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ek krantikari ki katha
व्यंग्य

क्रांतिकारी की कथा : राजनीति और समाज का व्यंग्यात्मक सच

‘क्रांतिकारी की कथा’ एक तीखा व्यंग्य है जो समाज, सत्ता और दिखावटी क्रांति की मानसिकता को उजागर करता है। यह लेख आज के दौर की सच्चाई को आईना दिखाता है। क्रांतिकारी की कथा अन्य व्यंग्य पढ़ें ‘क्रांतिकारी’ उसने उपनाम रखा था। खूब पढ़ा-लिखा युवक। स्वस्थ सुंदर। नौकरी भी अच्छी। विद्रोही।

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