‘इदिका राय’, की कविताएँ
‘इदिका राय’ की कविताएँ हमारे समय की सबसे बेचैन और ईमानदार अभिव्यक्तियों में से हैं। ये कविताएँ किसी अलंकारिक शिल्प […]
‘इदिका राय’ की कविताएँ हमारे समय की सबसे बेचैन और ईमानदार अभिव्यक्तियों में से हैं। ये कविताएँ किसी अलंकारिक शिल्प […]
कैलाश मनहर की कविताएँ—समकालीन जीवन की संवेदनहीनता, सामाजिक पाखंड और मानवीय अनुभवों की गहराई को बेहद सहज लेकिन तीखे ढंग
रश्मि सिंह की कविताएँ समकालीन हिंदी कविता के उस सशक्त पक्ष को उजागर करती हैं जहाँ अनुभूति, वैचारिक प्रतिबद्धता और
भारतीय समाज के संघर्ष शील अतीत को सामने रखकर हमारे आज से सवाल करती ‘अशोक तिवारी‘ की कविता ……. अंधी
वक्ती हालातों, ज़ज्बातों और संवेदनाओं को शब्दों के सहारे कविता में पिरोने का सार्थक प्रयास करतीं ‘रूपाली सिन्हा’ की दो
अतीत के गहरे जख्मों से रिसते दर्द पर भविष्य के सुखद मानवीय क्षणों का मरहम रखती, ‘निदा नवाज़‘ की कविताएँ……|
‘सीमा आरिफ़’ की लेखकीय सामाजिक सरोकारी प्रतिबद्धता उनकी रचनाओं की तरह बेहद गहरी होती जान पड़ती है | इन गहराती