TKjNCP4frpJsub1QbSYMGphQaujBY6Of8-pr1kL7kJQ
ISSN - 2455-2011
RNI - UPHIN/2017/74803

आलेख

Chand ke par ek chabhi
अवधेश प्रीत, आलेख, लेखक, सुशील कुमार भारद्वाज

विकासोन्मुख गाँव की जातिगत समस्या : ‘चाँद के पार एक चाभी’ का सामाजिक विश्लेषण

विकास की ओर बढ़ते भारतीय गाँवों में जातिगत भेदभाव अब भी एक गंभीर समस्या है। ‘चाँद के पार एक चाभी’

पढ़ने-गुनने की जगह: कैसे वाचनालय और पुस्तकालय गढ़ते हैं व्यक्तित्व
आलेख, राजेश उत्साही, लेखक

पढ़ने-गुनने की जगह: कैसे वाचनालय और पुस्तकालय गढ़ते हैं व्यक्तित्व

1985 में चकमक से जुड़ाव ने किताबों और वाचनालयों के साथ एक नया रिश्ता बनाया। हर महीने पुस्तकालय में बिताए

Hanif Madaar
आलेख, लेखक, हनीफ़ मदार

आखिर क्या लिखूं ? | जब दिल भरा हो लेकिन शब्द न मिलें

कितना तकलीफ़देह होता है उस स्वीकारोक्ति से खुद का साक्षात्कार, जहाँ आपको एहसास हो कि जिस चीज़ की प्राप्ति या

Manohar-Shyam
आलेख, आशीष जयसवाल, लेखक

प्रेम एवम् विद्रोह के बीच खड़े मनोहर श्याम जोशी, आलेख

सभ्यता के विकास के साथ ही प्रेम और युद्ध से सम्बन्धित किस्से कहानियां प्रचलित होने लगी थीं ! प्रेम और

साभार Canava
आलेख, नमिता सिंह, लेखक

साहित्य में स्त्री सर्जनात्मकता: ऐतिहासिक संदर्भ

“आधुनिक ज्ञान एक शक्ति है। उससे लैस होकर पुरुष खुद को शक्तिशाली बनाना चाहते थे, और स्त्रियों को कमज़ोर ही

Image from Canava
आलेख, नमिता सिंह, लेखक

साहित्य में स्त्राी सर्जनात्मकता: ऐतिहासिक संदर्भ

आज स्त्री-लेखन साहित्यिक चर्चा में एक मुख्य विषय है। समकालीन स्त्री रचनाकारों ने ऐतिहासिक-सामाजिक विकास क्रम की स्थितियों में बड़ी

Sabhar google
आलेख, लेखक, हनीफ़ मदार

कैसी शिक्षा कैसा ज्ञान, भाषा पर है पूर्ण विराम|

कैसी शिक्षा कैसा ज्ञान, भाषा पर है पूर्ण विराम| भारत विविधताओं वाला देश है यहाँ पर खान-पान, रहन-सहन और सांस्कृतिक

error: Content is protected !!
Scroll to Top