साहित्य में स्त्राी सर्जनात्मकता: ऐतिहासिक संदर्भ
आज स्त्री-लेखन साहित्यिक चर्चा में एक मुख्य विषय है। समकालीन स्त्री रचनाकारों ने ऐतिहासिक-सामाजिक विकास क्रम की स्थितियों में बड़ी […]
आज स्त्री-लेखन साहित्यिक चर्चा में एक मुख्य विषय है। समकालीन स्त्री रचनाकारों ने ऐतिहासिक-सामाजिक विकास क्रम की स्थितियों में बड़ी […]
तो दोस्तों ! मैं मथुरा का निवासी हूँ। उस प्रेम नगरी मथुरा की बात कर रहा हूँ जिसके प्रेम में
‘ सिया , सिया , सिया , ये महज किताबी बातें बोल रही हैं तू । मेरा यकीन है किे
कैसी शिक्षा कैसा ज्ञान, भाषा पर है पूर्ण विराम| भारत विविधताओं वाला देश है यहाँ पर खान-पान, रहन-सहन और सांस्कृतिक
अब जरा इस स्वप्नदर्शी मंगत राम के बारे में जान लीजिए। वह दिल्ली के न्यू अशोक नगर इलाके में रहता
अतीत के गहरे जख्मों से रिसते दर्द पर भविष्य के सुखद मानवीय क्षणों का मरहम रखती, ‘निदा नवाज़‘ की कविताएँ……|
‘सीमा आरिफ़’ की लेखकीय सामाजिक सरोकारी प्रतिबद्धता उनकी रचनाओं की तरह बेहद गहरी होती जान पड़ती है | इन गहराती
वसंत से जब मेरी बात होती थी तो कहता था, तबस्सुम बेहद संजीदा और दानिशमंद लड़की है, इसलिए उसे पसंद
साल्व इन लव कक्षा में हमारा रोल नंबर एक ही अक्षर से शुरू होने की वजह से, हम दोनों एक
जश्न-ए-आज़ादी उसका घर इन नवधनाड्य और विकसित, अविकसित कॉलोनियों से दूर बंजर ज़मीन पर बसे उस मुहल्ले में था जो
ईदा (कहानी) Eedaa (Story) -हनीफ़ मदार(Hanif Madaar) बीस वर्ष लम्बा काल खंड भी ईदा को मेरी मनः-स्मृतियों से मिटा नहीं